आर्याक्रमणवाद। शास्त्र प्रमाण है कि भारतीय वैदिक सभ्यता का उद्गम सरस्वती दृषद्वती नदियों के बीच ब्रह्मावर्त नामक भूभाग में हुआ। भौतिक प्रमाण है कि सरस्वती नदी लगभग चार सहस्र वर्ष पूर्व लुप्त हुई। एैतिहासिक प्रमाण है कि बाहरी क्षेत्रों से शक हूण तुरुष्क आदि आगन्तुक थे परन्तु भाषा पर बहुत प्रभावी नहीं। सम्भावना है कि भारतमूल प्रवासी वणिक अथवा जनजातियों का इन बाहरी क्षेत्रों पर भाषागत शैक्षणिक प्रभाव बहुत पहले से था।