खण्डत्ववाद में तरंग समीकरण। यीखत्राम्शावका तु व्यखव हृद्विमा घ्नत्रद्व्यम्शावया सस्थत्र॥ यी ऋणएकमूल। ख खण्डत्व अविकारी अस्रीयद्रव्यगति प्रकार। त्र तरंगकलन देशकाल निर्भर। का काल विकारी। या अक्षीय स्थान विकारी। अम्शाव आम्शिक अवकलन। खव ख वर्ग। मा द्रव्यमान। स्थ स्थितिज ऊर्जाकलन देशकाल निर्भर।

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