मन बसिया ओ कान्हा,
रंग रसिया ओ कान्हा।
..
पवन प्रभाती जग को जगाती,
भंवरे भी करते है गुंजन,
पंख पसारे उड़े पखेरू,
सिन्दूरी सिन्दूरी आंगन,
मंगल मंगल बेला मंगल..
..
https://video.nostr.build/0d29875a6b30793f2c610e9513de1e671d2412f78929db4e3d1368257ea3107f.mp4