अयनाम्श। प्रचलित पंचांगों में मकर संक्रान्ति माघ कृष्ण एकादशी के दिन माना गया है। सायन अथवा वास्तविक उत्तरायण पौष शुक्ल प्रतिपदा के दिन था। यह चौबीस दिनों का अन्तर अयनाम्श कहा जाता है जो नक्षत्रमान वर्ष तथा अयनमान वर्ष में पृथकता के कारण है। ऋतुचक्र अयनमान है॥ कलि अहर्गण आधारित परिकलन में मकर संक्रान्ति पौष पूर्णिमा के दिन था जिससे केवल तेरह दिनों का अयनाम्श प्राप्त होता है। इस भेद अथवा परिकलनदोष का मूल कारण अन्वेषणीय।

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